Daily Morning Routines, Mindful Living & Productivity Mastery
रात भर सोने के बाद हमारे शरीर में रक्त का संचार धीमा रहता है और जोड़ों में हल्का खिंचाव या जकड़न होती है। अधिकांश लोग सुबह उठते ही बिस्तर पर फोन देखने लगते हैं, जिससे मस्तिष्क तो उत्तेजित हो जाता है लेकिन शरीर सुस्त ही रह जाता है।
जब आप प्रातःकाल सूर्योदय के समय योग की शुरुआत करते हैं, तो फेफड़ों को ताज़ी प्राणवायु मिलती है और रीढ़ की हड्डी में खिंचाव होने से तंत्रिका तंत्र सक्रिय हो जाता है। यह अभ्यास शरीर में ‘एंडोर्फिन’ नामक प्रसन्नता देने वाले तत्वों का स्राव बढ़ाता है, जिससे दिन भर मानसिक थकान और चिड़चिड़ापन महसूस नहीं होता।
इन सातों आसनों को क्रमबद्ध रूप से करें। प्रत्येक आसन में अपनी क्षमता अनुसार श्वास को सामान्य रखते हुए रुकें:
विधि: दोनों पैरों को मिलाकर सीधे खड़े हों। हाथों की उंगलियों को आपस में फंसाकर हथेलियों को आकाश की ओर ऊपर उठाएं। गहरी श्वास लेते हुए एड़ियों को ज़मीन से ऊपर उठाएं और पंजों के बल खड़े हों। पूरे शरीर को ऊपर की ओर खींचें।
समय: ३० से ४५ सेकंड (३ चक्र) • लाभ: रीढ़ की जकड़न दूर करता है और आलस्य मिटाता है।
विधि: घुटनों और हथेलियों के बल चौपाया मुद्रा में आ जाएं। श्वास अंदर लेते हुए पेट को ज़मीन की ओर झुकाएं और सिर को ऊपर आकाश की ओर उठाएं (बिलाड़ासन)। श्वास बाहर छोड़ते हुए पीठ को ऊपर की ओर गोल करें और ठुड्डी को छाती से लगाएं (मार्जरी आसन)।
समय: १ से २ मिनट (धीमी गति से ८-१० चक्र) • लाभ: कमर दर्द मिटाता है और पाचन अंगों को सक्रिय करता है।
विधि: हथेलियों और पैरों को ज़मीन पर टिकाकर कूल्हों को ऊपर आकाश की ओर उठाएं, जिससे शरीर एक उल्टे त्रिकोण का आकार ले ले। एड़ियों को ज़मीन की तरफ दबाने का प्रयास करें और सिर को भुजाओं के बीच ढीला छोड़ें।
समय: ४५ सेकंड से १ मिनट • लाभ: मस्तिष्क में रक्त संचार बढ़ाता है, जिससे मानसिक थकावट तुरंत दूर होती है।
विधि: सीधे खड़े होकर एक पैर को तीन से चार फीट पीछे ले जाएं। आगे वाले घुटने को नब्बे डिग्री के कोण पर मोड़ें। दोनों हाथों को नमस्कार मुद्रा में ऊपर उठाएं और छाती को खोलते हुए सामने देखें।
समय: प्रत्येक पैर से ३०-३० सेकंड • लाभ: पैरों, जांघों और कंधों को शक्तिशाली बनाता है तथा एकाग्रता बढ़ाता है।
विधि: पेट के बल लेट जाएं। हथेलियों को कंधों के पास ज़मीन पर रखें। श्वास अंदर लेते हुए नाभि तक के शरीर को धीरे-धीरे ऊपर उठाएं। कंधों को कानों से दूर रखें और कोहनी हल्की मुड़ी रहने दें।
समय: ३० सेकंड (३ चक्र) • लाभ: छाती और फेफड़ों को खोलता है, श्वास क्षमता बढ़ाता है।
विधि: ज़मीन पर बैठकर दोनों पैरों को सामने सीधा फैलाएं। श्वास लेते हुए दोनों हाथों को ऊपर उठाएं, फिर श्वास छोड़ते हुए कमर से आगे झुकें और पैरों के अंगूठे पकड़ने का प्रयास करें। सिर को घुटनों की ओर लाएं।
समय: ४५ सेकंड • लाभ: उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करता है और अत्यधिक सोचने की आदत (ओवरथिंकिंग) को शांत करता है।
विधि: वज्रासन में बैठें। श्वास छोड़ते हुए आगे झुकें और माथे को ज़मीन पर टिका दें। दोनों हाथों को सामने की ओर फैलाकर रखें या शरीर के दोनों तरफ विश्राम अवस्था में छोड़ दें। गहरी और सहज सांसें लें।
समय: २ से ३ मिनट • लाभ: शारीरिक और मानसिक थकान का पूर्ण निवारण करता है।
योग और अन्य व्यायामों में क्या मूलभूत अंतर है, इसे निम्नलिखित तालिका से समझा जा सकता है:
| पहलू | प्रातःकालीन योगाभ्यास | सामान्य भारी व्यायाम (जिम/दौड़) |
|---|---|---|
| ऊर्जा का स्तर | ऊर्जा का संचय और दिन भर स्थिरता | ऊर्जा का तीव्र व्यय व अस्थायी थकान |
| मानसिक स्थिति | गहरी मानसिक शांति और एकाग्रता | प्रतिस्पर्धात्मक और आक्रामक मनोभाव |
| श्वास प्रणाली | धीमी, गहरी और नियंत्रित श्वास गति | तेज़, उथली और हांफने जैसी श्वास |
| जोड़ों पर प्रभाव | जोड़ों की सुरक्षा और लचीलेपन में वृद्धि | गलत तकनीक पर जोड़ों में चोट का जोखिम |
व्यस्त दिनचर्या में भी आप केवल 15 मिनट निकालकर इस क्रम का पालन कर सकते हैं:
वरिष्ठ योग एवं प्राकृतिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ, MorningVibes9