Vrindavan Holi 2026 Date को लेकर देश ही नहीं, बल्कि विदेशों तक से श्रद्धालु और पर्यटक उत्साहित रहते हैं। भगवान श्रीकृष्ण की नगरी वृंदावन और पूरे ब्रज क्षेत्र में होली केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि भक्ति, प्रेम, संगीत और रंगों का महापर्व मानी जाती है। यहां की होली दुनिया भर में अपनी अनोखी परंपराओं, रसमयी लीलाओं और आध्यात्मिक वातावरण के लिए प्रसिद्ध है।
हर साल लाखों श्रद्धालु वृंदावन, मथुरा, बरसाना और नंदगांव पहुंचते हैं, ताकि वे उस होली का हिस्सा बन सकें, जहां रंगों के साथ भक्ति और भावनाओं का अद्भुत संगम देखने को मिलता है।
Vrindavan Holi 2026 Date: वृंदावन होली 2026 कब है?
साल 2026 में वृंदावन की मुख्य होली 4 मार्च 2026 (बुधवार) को मनाई जाएगी। इसी दिन मथुरा-वृंदावन सहित पूरे ब्रज क्षेत्र में रंगों की होली खेली जाएगी। हालांकि, ब्रज की होली केवल एक दिन तक सीमित नहीं होती, बल्कि यह करीब 7 से 10 दिनों तक चलने वाला उत्सव होता है, जिसमें हर दिन अलग-अलग परंपराओं के अनुसार आयोजन किए जाते हैं।

ब्रज की होली क्यों है इतनी खास?
वृंदावन और ब्रज की होली को खास बनाने वाली बात यह है कि यहां होली का सीधा संबंध भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी की लीलाओं से जुड़ा हुआ है। मान्यता है कि श्रीकृष्ण अपने सखाओं के साथ गोपियों संग रंग खेलते थे, जिसकी परंपरा आज भी जीवंत रूप में देखने को मिलती है।
यहां की होली में केवल गुलाल नहीं उड़ता, बल्कि हर रंग के साथ भक्ति, संगीत, नृत्य और प्रेम की भावना घुली होती है। यही कारण है कि देश-विदेश से लाखों लोग Vrindavan Holi 2026 Date का बेसब्री से इंतजार करते हैं।
Vrindavan Holi 2026 का पूरा कैलेंडर (ब्रज होली शेड्यूल)
वृंदावन होली का उत्सव अलग-अलग स्थानों पर अलग-अलग दिन मनाया जाता है:
24 फरवरी 2026 – लड्डू होली (बरसाना)
यहां राधा रानी के मंदिर में भक्तों पर लड्डू बरसाए जाते हैं।
25 फरवरी 2026 – लट्ठमार होली (बरसाना)
ब्रज की सबसे प्रसिद्ध होली, जहां महिलाएं प्रतीकात्मक रूप से पुरुषों पर लाठियां बरसाती हैं।
26 फरवरी 2026 – लट्ठमार होली (नंदगांव)
यहां कृष्ण की नगरी में अनोखी परंपरा के साथ होली खेली जाती है।
1 मार्च 2026 – फूलों की होली (वृंदावन)
बांके बिहारी मंदिर में रंगों की जगह फूलों से होली खेली जाती है।
2 मार्च 2026 – रंगभरनी एकादशी (वृंदावन)
इसी दिन से आम श्रद्धालुओं के लिए गुलाल और रंगों की शुरुआत होती है।
4 मार्च 2026 – मुख्य होली (धुलंडी)
पूरे ब्रज में रंगों की होली, यही है Vrindavan Holi 2026 Date का मुख्य दिन।

बांके बिहारी मंदिर की होली: सबसे बड़ा आकर्षण
वृंदावन का बांके बिहारी मंदिर होली के दौरान श्रद्धालुओं से खचाखच भरा रहता है। यहां फूलों की होली, गुलाल की होली और संकीर्तन के बीच भक्त झूमते नजर आते हैं। मंदिर परिसर में जब गुलाल उड़ता है और “राधे-राधे” की गूंज होती है, तो वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक हो जाता है।
यह अनुभव केवल देखा नहीं जाता, बल्कि महसूस किया जाता है।
वृंदावन होली में शामिल होने से पहले जान लें ये जरूरी बातें
यदि आप Vrindavan Holi 2026 Date पर ब्रज जाने की योजना बना रहे हैं, तो कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है:
होटल और धर्मशाला की बुकिंग पहले से करवा लें
मोबाइल, पर्स और जरूरी सामान सुरक्षित रखें
हल्के और पूरे कपड़े पहनें
कैमरा और फोन को वाटरप्रूफ कवर में रखें
स्थानीय प्रशासन की गाइडलाइन का पालन करें

क्यों विदेशों तक मशहूर है वृंदावन की होली?
वृंदावन की होली सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी बेहद लोकप्रिय है। हर साल हजारों विदेशी पर्यटक यहां की होली देखने आते हैं। इसकी वजह है यहां का आध्यात्मिक वातावरण, अनोखी परंपराएं और भक्तिरस से भरा उत्सव, जो दुनिया में कहीं और देखने को नहीं मिलता।
Vrindavan Holi 2026: जीवन में एक बार जरूर अनुभव करें
यदि आप जीवन में कभी एक अलग तरह का त्योहार अनुभव करना चाहते हैं, तो Vrindavan Holi 2026 आपके लिए सबसे बेहतरीन मौका है। यहां की होली सिर्फ रंगों की नहीं, बल्कि आत्मा को छू लेने वाली अनुभूति है।
निष्कर्ष
Vrindavan Holi 2026 Date – 4 मार्च 2026 केवल एक तारीख नहीं, बल्कि आस्था, भक्ति और प्रेम का उत्सव है। यदि आप भी इस दिव्य अनुभव का हिस्सा बनना चाहते हैं, तो अभी से अपनी यात्रा की योजना बना लें।
FAQs – Vrindavan Holi 2026 Date
Q1. Vrindavan Holi 2026 कब है?
👉 वृंदावन की मुख्य होली 4 मार्च 2026 को है।
Q2. बरसाना की लट्ठमार होली 2026 कब होगी?
👉 25 फरवरी 2026 को बरसाना में लट्ठमार होली खेली जाएगी।
Q3. वृंदावन की फूलों की होली कब होती है?
👉 1 मार्च 2026 को बांके बिहारी मंदिर में फूलों की होली होगी।
Q4. क्या विदेशी पर्यटक भी वृंदावन होली में शामिल हो सकते हैं?
👉 हां, पूरी दुनिया से पर्यटक यहां की होली देखने आते हैं।







